Monday, March 9, 2015

नमस्ते माँ जी।

मैं क्लास में बहत कुछ सीख रहा हुँ। अब मैं हिंदी में बोल सकती हुँ , लिख सकती हुँ , और पड़ सकती हुँ। मेरा अध्यापक का नाम पिंदरजीत गिल हैं। वह मुझे पास्ट टेंस सिखारही हैं। मुश्किल नहीं है , लेकिन आसान भी नहीं है। मेरे दोस्तों ठीक हैं। मेरे साथ पड़ते हैं और नाचते हैं। सभी को परीक्षा हैं इस हफ्ते में और हमारे पास बहत वक्त नहीं है मज़ा करने के लिये।

आप कैसी हैं ? और पिता जी ? मैं कोशिश करुँगी फ़ोन करने के लिये लेकिन आज और कल भी मुश्किल हैं। मुझे आपकी याद आती हैं और आपका खाने का भी। मैं आपसे प्यार करती हुँ !

प्यारा ,
अभिलाषा 

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