Sunday, September 27, 2015

Shopkeeper/Customer

दुकानदार : नमस्ते साहब, मैं आपको मदत करसकता हूँ ?
कस्टमर : जी हाँ। मेरा नाम अखिल है।
दुकानदार : अखिल जी, क्या चाहिए ?
कस्टमर : मेरी पत्नी का जन्मदिन है और हम खाना खाकर फिल्म देखने जारहे है। फिल्म देखकर मुझे एक तोफ़ा दूंगा लेकिन क्या मुझे नहीं पता।
दुकानदार : आपका पत्नी को क्या पसंद है।
कस्टमर : वह हर दिन घर में काम करती है। खन्ना बनाकर वह घर साफ़ करती है। उसके बाद वह एक या दो घंटे के लिए पढ़कर कहानियो लिकती है।
दुकानदार : उसको कहानियो पसंद हैं ?
कस्टमर : जी हाँ। प्यार की कहानियो उसको ज़्यादा पसंद हैं।
दुकानदार : हम प्यार के बारे में किताबें और फिल्म भेजते हैं।
कस्टमर : क्या बात है ! वे उसको बिलकुल पसंद होंगे। किस फिल्मों और किस किताबें हैं तुम्हारे पास ?
दुकानदार : आपकी पत्नी पुरानी या नया कहानियों ज़्यादा पसंद हैं ?
कस्टमर : मुझे नहीं मालूम लेकिन हर शुकरवार को , हमारे बच्चों के साथ खाकर पुराने किताबों पढ़ती हैं।
दुकानदार : यह लीजिये , इस पैकिट में और भी पुरानी कहानियों हैं।
कस्टमर : बहुत बहुत शुक्रिया साहब !
दुकानदार : सौ रूपया है।
कस्टमर : यह लीजिये। नमस्ते !
दुकानदार : नमस्ते अखिल !

Wednesday, September 16, 2015

मेरा नाम चैतन हैं. मैं हिन्दी का छात्र हूँ. पहले सल मैं भारत
मेरा नाम वीनू है। मै यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस पढ़ रहा हूँ। मै दो सालों मे ग्रेजुएट होऊंगा।

Akshay Intro

मेरा नाम अक्षय बंजाई है और में सोफोमोर हु. में नोवाई मिशिगन से हूँ. मैं उन्नीस साल का हूँ और मेरा जन्म दिन सत्रह  दिसम्बर है. मुझको फ्रेश प्रिंस ऑफ़ बेल ऐर अच्छा लगता है.