दुकानदार : नमस्ते साहब, मैं आपको मदत करसकता हूँ ?
कस्टमर : जी हाँ। मेरा नाम अखिल है।
दुकानदार : अखिल जी, क्या चाहिए ?
कस्टमर : मेरी पत्नी का जन्मदिन है और हम खाना खाकर फिल्म देखने जारहे है। फिल्म देखकर मुझे एक तोफ़ा दूंगा लेकिन क्या मुझे नहीं पता।
दुकानदार : आपका पत्नी को क्या पसंद है।
कस्टमर : वह हर दिन घर में काम करती है। खन्ना बनाकर वह घर साफ़ करती है। उसके बाद वह एक या दो घंटे के लिए पढ़कर कहानियो लिकती है।
दुकानदार : उसको कहानियो पसंद हैं ?
कस्टमर : जी हाँ। प्यार की कहानियो उसको ज़्यादा पसंद हैं।
दुकानदार : हम प्यार के बारे में किताबें और फिल्म भेजते हैं।
कस्टमर : क्या बात है ! वे उसको बिलकुल पसंद होंगे। किस फिल्मों और किस किताबें हैं तुम्हारे पास ?
दुकानदार : आपकी पत्नी पुरानी या नया कहानियों ज़्यादा पसंद हैं ?
कस्टमर : मुझे नहीं मालूम लेकिन हर शुकरवार को , हमारे बच्चों के साथ खाकर पुराने किताबों पढ़ती हैं।
दुकानदार : यह लीजिये , इस पैकिट में और भी पुरानी कहानियों हैं।
कस्टमर : बहुत बहुत शुक्रिया साहब !
दुकानदार : सौ रूपया है।
कस्टमर : यह लीजिये। नमस्ते !
दुकानदार : नमस्ते अखिल !
कस्टमर : जी हाँ। मेरा नाम अखिल है।
दुकानदार : अखिल जी, क्या चाहिए ?
कस्टमर : मेरी पत्नी का जन्मदिन है और हम खाना खाकर फिल्म देखने जारहे है। फिल्म देखकर मुझे एक तोफ़ा दूंगा लेकिन क्या मुझे नहीं पता।
दुकानदार : आपका पत्नी को क्या पसंद है।
कस्टमर : वह हर दिन घर में काम करती है। खन्ना बनाकर वह घर साफ़ करती है। उसके बाद वह एक या दो घंटे के लिए पढ़कर कहानियो लिकती है।
दुकानदार : उसको कहानियो पसंद हैं ?
कस्टमर : जी हाँ। प्यार की कहानियो उसको ज़्यादा पसंद हैं।
दुकानदार : हम प्यार के बारे में किताबें और फिल्म भेजते हैं।
कस्टमर : क्या बात है ! वे उसको बिलकुल पसंद होंगे। किस फिल्मों और किस किताबें हैं तुम्हारे पास ?
दुकानदार : आपकी पत्नी पुरानी या नया कहानियों ज़्यादा पसंद हैं ?
कस्टमर : मुझे नहीं मालूम लेकिन हर शुकरवार को , हमारे बच्चों के साथ खाकर पुराने किताबों पढ़ती हैं।
दुकानदार : यह लीजिये , इस पैकिट में और भी पुरानी कहानियों हैं।
कस्टमर : बहुत बहुत शुक्रिया साहब !
दुकानदार : सौ रूपया है।
कस्टमर : यह लीजिये। नमस्ते !
दुकानदार : नमस्ते अखिल !
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